Saturday, September 28, 2019

Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को


 Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन


Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
Lata Mangeshkar 28 सितंबर ko अपना 90वां जन्मदिन मनाने ja रही हैं ।  Lata Mangeshkar ko हिंदी सिनेमा ki सर्वकालिक महान फीमेल प्लेबैक सिंगर कहा जाए to कुछ गलत नहीं hoga। स्वर कोकिला कही जाने वालीं Lata Mangeshkar ne अपने सिने करियर ki शुरुआत 1942 में ki थी। लता ki आवाज ka जादू ही है ki उनके गाए गानों ne लोगों ke दिलों me गहरी छाप छोड़ी।

भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्मभूषण, दादा साहब फाल्के, राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार समेत तमाम पुरस्कार apne नाम kar चुकीं लता ne हजारों गाने गाए हैं। आज ki जनरेशन bhi लता ke गानों ko गुनगुनाती है। सबकी चहेती लता मंगेशकर ne एक इंटरव्यू me खुलासा किया ki बचपन me उन्हें काफी गुस्सा आता था। आज उनके जन्मदिन ke अवसर पर hum जानेंगे उनके बच्चन se जुड़ी कुछ खुलासों और उनके सुपरहित गानों ke बारे में ... 

हिंदुस्तान टाइम्स se बातचीत me लता मंगेशकर ne कहा- meri पर्सनैलिटी me सबसे बड़ी कमी mera टेंपर था। बचपन me मुझे बहुत बड़ा टेंपर इश्यू था। mai बहुत जल्दी गुस्सा ho जाती थी। 'जैसे mai बड़ी होती गई ye बदला। फिर ek समय ऐसा bhi आया जब mera गुस्सा एकदम खत्म ho गया था। अब mai बिल्कुल bhi गुस्सा नहीं karti हूं। मैं कभी कभी ye सोचकर चकित hoti हूं कि mere गुस्से ko क्या हो gaya है। लता मंगेशकर ko उनके उदार व्यक्तित्व ke लिए जाना जाता है। इस par सिंगर ne कहा- मैं हमेशा se ऐसी ही थी। मुझे mere पैरेंट्स ne सिखाया था ki जब कोई कुछ गलत kare तो उसे माफ करके भूल जाओ। मैंने इसे hi फॉलो करने ki कोशिश ki। 
Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
Happy Birthday Lata Mangeshkar: भारत रत्न se सम्मानित सुर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ka जन्म 28 सितंबर, 1929 ko एक मध्यमवर्गीय मराठा परिवार me हुआ. मध्य प्रदेश ke इंदौर शहर me जन्मीं लता पंडित दीनानाथ मंगेशकर ki बेटी हैं. लता ka पहला नाम 'हेमा' था, मगर जन्म ke पांच साल बाद माता-पिता ne इनका नाम 'लता' रख दिया था. लता apne सभी भाई-बहनों me बड़ी हैं. मीना, आशा, उषा तथा हृदयनाथ unse छोटे हैं. उनके पिता रंगमंच ke कलाकार aur गायक थे. आठ दशक se bhi अधिक समय se हिन्दुस्तान ki आवाज बनीं लता ne 30 से ज्यादा भाषाओं me हजारों फिल्मी और गैर-फिल्मी गानों me अपनी आवाज ka जादू बिखेरा. लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) aur मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) ki गायकी se जुड़ा ek बड़ा ही मजेदार वाकया है जिसने हिंदी सिनेमा में तहलका मचा दिया tha. इसका जिक्र यतींद्र मिश्र ने अपनी किताब 'लता सुरगाथा' me किया hai.

लता मंगेशकर 28 सितंबर ko अपना जन्मदिन मनाती हैं । लता ka जीवन उपलब्धियों se भरा पड़ा है। हालांकि सफलता ki राह कभी आसान नहीं होती। लता जी ko भी सुरों ki महारानी बनने me किन-किन मुसीबतों aur दौर se गुजरना पड़ा, ye हम आपको बताएंगे। आगे जानिए लता ka पूरा जीवन। 
Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
लता मंगेशकर ka जन्म इंदौर ke मराठी परिवार me पंडित दीनदयाल मंगेशकर ke घर हुआ। इनके पिता रंगमंच ke कलाकार aur गायक थे। इसलिए संगीत इन्हें विरासत me मिला। दीनानाथ ne लता ko तब se संगीत सिखाना शुरू किया, जब wo पांच साल ki थीं। उनके saath उनकी बहनें आशा, ऊषा aur मीना bhi सीखा करतीं थीं। लता 'अमान अली खान साहिब' aur बाद me 'अमानत खान' ke साथ bhi पढ़ीं। लता ne पांच साल ki छोटी उम्र me पहली बार ek नाटक me अभिनय किया। शुरुआत जरूर अभिनय se हुई लेकिन लता ki दिलचस्पी to संगीत me ही थी।

14 वर्ष ki उम्र me लता फिल्मों me हीरो ya हीरोइन ki बहन ka रोल अदा किया करती थीं पर साथ hi उन्होंने संगीत ki शिक्षा bhi जारी रखी। लता महज ek दिन ke लिए स्कूल गई थीं। इसकी वजह yah रही ki जब वह पहले दिन apni छोटी बहन आशा भोंसले ko स्कूल लेकर गईं to अध्यापक ne आशा भोसले ko यह कहकर स्कूल se निकाल दिया ki उन्हें bhi स्कूल ki फीस देनी होगी। 
Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
बाद me लता ne निश्चय किया ki वह कभी स्कूल nahi जाएंगी। हालांकि बाद me उन्हें न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी सहित छह विश्वविद्यालयों me मानक उपाधि se नवाजा गया। लता ko अपने सिने करियर me मान-सम्मान bahut मिला । we फिल्म इंडस्ट्री ki पहली महिला hai जिन्हें भारत रत्न aur दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त hua।

वर्ष 1974 me लंदन ke सुप्रसिद्ध रॉयल अल्बर्ट हॉल me उन्हें पहली भारतीय गायिका ke रूप me गाने ka अवसर प्राप्त है। सन 1974 me दुनिया me सबसे अधिक गीत गाने ka 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' उनके name पर दर्ज है। भारत ki 'स्वर कोकिला' लता मंगेशकर ne 20 भाषाओं me 30,000 गाने गाये हैं। इनकी आवाज ne छह दशकों se bhi ज्यादा संगीत ki दुनिया ko सुरों se नवाजा है।

लता ne मोहम्मद रफी ke साथ सैकड़ों गीत गाए थे, लेकिन एक वक्त ऐसा bhi आया था जब उन्होंने रफी se बातचीत बंद kar di थी। दोनों ne ek साथ गीत गाने se इंकार kar दिया था। हालांकि चार वर्ष ke बाद अभिनेत्री नरगिस ke प्रयास se दोनों ne ek साथ एक कार्यक्रम me ‘दिल पुकारे’ गीत गाया।

वर्ष 1962 me लता ki जान लेने ki कोशिश ki गई। तब उन्हें स्लो प्वॉइजन दिया गया। लता ki बेहद करीबी पदमा सचदेव ne iska जिक्र अपनी किताब ‘Aisa Kahan Se Lauen’में kiya है। हालांकि unhen मारने ki कोशिश किसने ki, इस बारे me आज तक नहीं pata हो पाया। लता tab बहुत निराश ho गई थीं जब गायक aur म्यूजिक कंपोजर स्वर्गीय भूपेन हजारिका ki पत्नी प्रियंवदा ne भूपेन aur लता ke बीच प्रेम संबंध hone का दावा kiya था। 

28 सितंबर ko भारत ki स्वर सम्राज्ञी 'लता मंगेशकर' ka जन्मदिन है। देश ka हर व्यक्ति unke संगीत ko सुनना पसंद karta है। 28 सितम्बर 1929 ko इंदौर me जन्मीं लता मंगेशकर apne जन्मदिन ko भी आम दिनों ki तरह मानती हैं। जी हां,उनके लिए yah दिन खास nahi है। लता मंगेशकर apne व्यक्तिगत जीवन ko लेकर bhi हमेशा चर्चा me रही हैं। आइए unke जन्मदिन ke अवसर par जानते हैं ki लता मंगेशकर ne क्यों नहीं ki शादी...
Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
Happy Birthday: स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का 90वां जन्मदिन 28 सितंबर को
लता मंगेशकर ne BBC को दिए ek इंटरव्यू me अपनी शादी न करने ki वजह ke साथ-साथ apni जीवन se जुड़ी bahut सारी खास बातों ko साझा kiya। लता ne बताया ki दरअसल घर ke सभी सदस्यों ki जिम्मेदारी मुझ par थी। ऐसे me कई बार शादी ka ख्याल आता भी to उस par अमल नहीं kar सकती थी। बेहद kam उम्र me ही मैं kaam करने lagi थी। बहुत ज्यादा काम mere पास रहता था। सोचा ki पहले सभी छोटे भाई बहनों ko व्यवस्थित kar दूं। fir कुछ सोचा जाएगा। फिर बहन ki शादी ho गई। बच्चे ho गए। to उन्हें संभालने ki जिम्मेदारी aa गई। और is तरह se वक्त निकलता chala गया।

किशोर दा se pahli मुलाकात

40 ke दशक me जब मैंने फिल्मों me गाना शुरू hi किया था। तब mai अपने घर se लोकल पकड़कर मलाड jati थी। वहां se उतरकर पैदल स्टूडियो बॉम्बे टॉकीज jati। रास्ते me किशोर दा bhi मिलते। लेकिन mai उनको aur वो मुझे nahi पहचानते थे। किशोर दा meri तरफ dekhte रहते। कभी हंसते। kabhi अपने हाथ me पकड़ी छड़ी घुमाते rahte। मुझे unki हरकतें अजीब si लगतीं।

mai उस vakt खेमचंद प्रकाश ki ek फिल्म me गाना ga रही थी। ek दिन किशोर दा bhi मेरे पीछे-पीछे स्टूडियो पहुंच गए। मैंने खेमचंद ji से शिकायत ki। "चाचा। ye लड़का मेरा पीछा karta रहता है। mujhe देखकर हंसता है।" तब उन्होंने kaha, "अरे, ये तो apne अशोक कुमार ka छोटा भाई किशोर hai।" फिर उन्होंने meri और किशोर दा ki मुलाक़ात करवाई। aur हमने उस फिल्म me साथ me पहली बार गाना गाया।

मोहम्मद रफी se झगड़ा

60 ke दशक me मैं apni फिल्मों me गाना गाने ke लिए रॉयल्टी लेना शुरू kar चुकी थी। लेकिन mujhe लगता ki सभी गायकों ko रॉयल्टी मिले to अच्छा होगा। मैंने, मुकेश भैया ne aur तलत महमूद ne एसोसिएशन बनाई aur रिकॉर्डिंग कंपनी एचएमवी aur प्रोड्यूसर्स se मांग ki कि गायकों ko गानों ke लिए रॉयल्टी मिलनी चाहिए। lekin हमारी मांग par कोई सुनवाई नहीं hui। to हमने एचएमवी ke लिए रिकॉर्ड करना hi बंद kar दिया। तब कुछ निर्माताओं aur रिकॉर्डिंग कंपनी ne मोहम्मद रफी ko समझाया ki ये गायक क्यों झगड़े par उतारू हैं। गाने ke लिए jab पैसा मिलता है to रॉयल्टी क्यों मांगी ja रही है। रफी भैया बड़े भोले थे। उन्होंने kaha, "मुझे रॉयल्टी नहीं चाहिए।"

उनके is कदम se हम सभी गायकों ki मुहिम ko धक्का पहुंचा। मुकेश भैया ne मुझसे kaha, "लता दीदी। रफ़ी साहब ko बुलाकर आज hi सारा मामला सुलझा liya जाए।" hum सबने रफी ji से मुलाक़ात ki. सबने रफ़ी साहब ko समझाया। to wo गुस्से me आ gaye। मेरी तरफ देखकर बोले, "mujhe क्या समझा rahe हो। ये jo महारानी बैठी hai। इसी se बात karo।" to मैंने bhi गुस्से me कह diya, "आपने मुझे sahi समझा। mai महारानी hi हूं।" to उन्होंने mujhse कहा, "mai तुम्हारे saath गाने hi नहीं गाऊंगा।" मैंने bhi पलट kar कह diya, "आप ye तक़लीफ mat करिए। mai ही nahi गाऊंगी aapke साथ।" फिर मैंने kai संगीतकारों ko फोन karke कह दिया ki मैं आइंदा रफ़ी साहब ke साथ गाने nahi गाऊंगी। इस tarah से हमारा तीन साढ़े तीन साल tak झगड़ा चला।

लता ji अपनी मधुर आवाज se लाखों दिलों par राज करती हैं। बहुत hi कम लोग is बात ko जानते होंगे ki बॉलीवुड ki मशहूर अभिनेत्री लता मंगेशकर ki रिश्तेदार हैं। खास बात hai कि सिर्फ लता hi नहीं बल्कि फिल्म इंडस्ट्री ne कई ऐसे सितारे hai जिनके बीच bahut करीबी रिश्ता है। लता जी ke जन्मदिन par जानिए un 10 हस्तियों ke बारे me जो ek दूसरे ke करीबी रिश्तेदार हैं। 

लता मंगेशकर- श्रद्धा कपूर

लता मंगेशकर aur आशा भोसले श्रद्धा कपूर ke नाना ki कजिन हैं। श्रद्धा कपूर ke नाना जी to अब इस दुनिया me नहीं है। श्रद्धा कपूर ke नाना ji क्लासिकल सिंगर थे। इस लिहाज se श्रद्धा लता मंगेशकर aur आशा भोसले ki नातिन हुईं।
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